प्रश्न 1.
राजनीति विज्ञान का जनक माना जाता है –
(क) सुकरात
(ख) प्लेटो
(ग) अरस्तु
(घ) गार्नर
उत्तर:
(ग) अरस्तु
प्रश्न 2.
“सदा अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहना प्रजातंत्र का मूल्य है।” यह किसका कथन है?
(क) जॉन स्टुअर्ट मिल
(ख) रूसो
(ग) लास्की
(घ) हीगल
उत्तर:
(ग) लास्की
प्रश्न 3.
किस लैटिन शब्द से Justice अर्थात् ‘न्याय’ शब्द की उत्पत्ति हुई?
(क) जस्टिसिया
(ख) जज
(ग) जस
(घ) ज्यूडिशिया
उत्तर:
(घ) ज्यूडिशिया
प्रश्न 4.
लोकतंत्र की आधारशिला है:
(क) स्थानीय शासन
(ख) राष्ट्रपति शासन
(ग) बहुदलीय शासन
(घ) मिली-जुली सरकार
उत्तर:
(ग) बहुदलीय शासन
प्रश्न 5.
‘पॉलिटिक्स’ नामक पुस्तक के लेखक हैं –
(क) प्लेटो
(ख) अरस्तू
(ग) सुकरात
(घ) कौटिल्य
उत्तर:
(ख) अरस्तू
प्रश्न 6.
प्रजातंत्र (Democracy) किस भाषा के शब्द से बना है।
(क) ग्रीक
(ख) लैटिन
(ग) फ्रेंच
(घ) जर्मन
उत्तर:
(क) ग्रीक
प्रश्न 7.
अमेरिका में ‘वर्ल्ड ट्रेड सेंटर’ पर आतंकी हमला कब हुआ था।
(क) 9 सितम्बर, 2001
(ख) 11 सितंबर, 2001
(ग) 6 अगस्त, 2001
(घ) 9 मार्च, 2001
उत्तर:
(ख) 11 सितंबर, 2001
प्रश्न 8.
“राजनीति विज्ञान राज्य से आरम्भ होता है एवं राज्य पर समाप्त” यह परिभाषा दी गई है
(अ) गार्नर द्वारा
(ब) ब्लंटशली द्वारा
(स) सीले द्वारा
(द) लीकॉक द्वारा।
उत्तर:
(अ) गार्नर द्वारा
प्रश्न 9.
राजनीति विज्ञान को किस विचारक ने ‘पूर्ण’ या सर्वोच्च विज्ञान माना है?
(अ) अरस्तू
(ब) प्लेटो
(स) गाँधी
(द) मेकियावेली।
उत्तर:
(अ) अरस्तू
प्रश्न 10.
राजनीति विज्ञान को विज्ञान किस कारण कहा जाता है?
(अ) सिद्धान्तों की मतैक्यता
(ब) निर्णयों की सुनिश्चितता
(स) परिणामों की भविष्यवाणी
(द) क्रमबद्ध अध्ययन।
उत्तर:
(द) क्रमबद्ध अध्ययन।
प्रश्न 11.
राजनीति विज्ञान को परम्परागत दृष्टिकोण मुख्यतः केन्द्रित था
(अ) सरकार और राज्य के अध्ययन पर
(ब) शक्ति व वैधता के अध्ययन पर
(स) राजनीतिक व्यवस्था के अध्ययन पर
(द) राजनीतिक प्रक्रियाओं के अध्ययन पर।
उत्तर:
(अ) सरकार और राज्य के अध्ययन पर
प्रश्न 12.
“राजनीति विज्ञान सरकार से सम्बन्धित विधा है।” यह परिभाषा दी है
(अ) गिलक्राइस्ट ने
(ब) सीले ने
(स) लीकॉक ने
(द) उपर्युक्त में से किसी ने नहीं।
उत्तर:
(स) लीकॉक ने
प्रश्न 13.
परम्परागत राजनीति विज्ञान के अध्ययन क्षेत्र में सम्मिलित नहीं है
(अ) राज्य का अध्ययन
(ब) सरकार का अध्ययन
(स) राजनीतिक दल व दबाव समूहों का अध्ययन ।
(द) सार्वजनिक समस्याओं के सन्दर्भ में संघर्ष व सहमति का अध्ययन।
उत्तर:
(द) सार्वजनिक समस्याओं के सन्दर्भ में संघर्ष व सहमति का अध्ययन।
प्रश्न 14.
राजनीति विज्ञान को निम्न में से कौन-सा तर्क विज्ञान न होने की पुष्टि करता है?
(अ) राजनीति विज्ञान अपने अध्ययन की विषय-वस्तु को क्रमबद्ध व व्यवथित ज्ञान प्रस्तुत करता है।
(ब) राजनीति विज्ञान कार्य-कारण में पारस्परिक सम्बन्ध को व्यक्त करता है।
(स) राजनीति विज्ञान में सर्वमान्य सिद्धान्तों का अभाव है।
(द) राजनीति विज्ञान में पर्यवेक्षण व प्रयोग सम्भव है।
उत्तर:
(स) राजनीति विज्ञान में सर्वमान्य सिद्धान्तों का अभाव है।
प्रश्न 15.
“मनुष्य स्वभाव से ही एक राजनैतिक प्राणी है और वह जो समाज अथवा राज्य के बिना रहता है, या तो देवता है अथवा पशु” यह कथन किस विद्वान का है?
(अ) प्लेटो का
(ब) अरस्तू का
(स) गार्नर का
(द) गाँधी जी की।
उत्तर:
(ब) अरस्तू का
प्रश्न 16.
परम्परागत दृष्टिकोण में राजनीति शास्त्र को किन अर्थों में परिभाषित किया जाता है?
(अ) राज्य के अध्ययन के रूप में।
(ब) सरकार के अध्ययन के रूप में
(स) राज्य, सरकार और व्यक्ति के अध्ययन के रूप में
(द) उपर्युक्त सभी।
उत्तर:
(द) उपर्युक्त सभी।
प्रश्न 17.
निम्न में से किस विद्वान ने राजनीति विज्ञान को राज्य के अध्ययन के रूप में माना है?
(अ) गार्नर ने
(ब) गैरिस ने
(स) गैटेल ने।
(द) उपर्युक्त सभी।
उत्तर:
(द) उपर्युक्त सभी।
प्रश्न 18.
“राजनीति विज्ञान का राज्य और सरकार की सामान्य समस्याओं से सम्बन्ध होता है।” यह कथन है
(अ) गिलक्राइस्ट का
(ब) पॉल जैनेट का
(स) डिमॉक का
(द) लॉस्की का।
उत्तर:
(अ) गिलक्राइस्ट का
प्रश्न 19.
“राजनीति विज्ञान का सम्बन्ध राज्य और उसके यन्त्र सरकार से है।” यह कथन है
(अ) लीकॉक का
(ब) जैनेट का
(स) डिमॉक का
(द) हर्मन हेलर का।
उत्तर:
(स) डिमॉक का
प्रश्न 20.
निम्न में से किस विद्वान ने राजनीति को शक्ति का विज्ञान माना है?
(अ) डेविड ईस्टन ने
(ब) आमण्ड ने
(स) लॉसवेल ने
(द) कैटलिन ने।
उत्तर:
(द) कैटलिन ने।
प्रश्न 21.
“राजनीति विज्ञान निर्णय निर्माण का विज्ञान है।” यह कथन है
(अ) हर्बर्ट साइमन का
(ब) लॉसवेल का
(स) डेविड ईस्टन का
(द) कैटलिन का।
उत्तर:
(अ) हर्बर्ट साइमन का
प्रश्न 22.
राजनीति विज्ञान को निम्न में से कौन-सा तर्क विज्ञान होने की पुष्टि करता है?
(अ) क्रमबद्ध व व्यवस्थित ज्ञान
(ब) सर्वमान्य सिद्धान्त
(स) भविष्यवाणी की क्षमता
(द) उपर्युक्त सभी।
उत्तर:
(ब) सर्वमान्य सिद्धान्त
प्रश्न 23.
‘स्टेट्समैन’ नामक ग्रन्थ के लेखक थे।
(अ) अरस्तू
(ब) प्लेटो
(स) कौटिल्य
(द) ब्रोगन।
उत्तर:
(ब) प्लेटो
प्रश्न 24.
निम्न में से किस विद्वान ने राजनीति को शासन की एक श्रेष्ठ कला के रूप में चित्रित किया है?
(अ) प्लेटो ने
(ब) अरस्तू ने
(स) कैलिन ने
(द) सीले ने।
उत्तर:
(अ) प्लेटो ने
प्रश्न 25.
“राजनीति विज्ञान कला, दर्शन और विज्ञान तीनों है।” यह कथन है
(अ) कैटलिन का
(ब) मेटलैण्ड को
(स) गांर्नर का
(द) बक्ल का।
उत्तर:
(अ) कैटलिन का
प्रश्न 26.
राजनीति विज्ञान के आधुनिक दृष्टिकोण के समर्थक हैं
(अ) कैटलिने
(ब) लॉसवेल
(स) राबर्ट डहल
(द) उपर्युक्त सभी।
उत्तर:
(द) उपर्युक्त सभी।
प्रश्न 27.
आधुनिक दृष्टिकोण के अनुसार राजनीति विज्ञान के क्षेत्र में सम्मिलित है
(अ) राज्य का अध्ययन
(ब) सरकार का अध्ययन
(स) अन्तर्राष्ट्रीय पक्ष का अध्ययन
(द) मानव के राजनैतिक व्यवहार का अध्ययन
उत्तर:
(द) मानव के राजनैतिक व्यवहार का अध्ययन
प्रश्न 28.
आधुनिक राजनीति विज्ञान की विशेषता है
(अ) मुक्त अध्ययन
(ब) वैज्ञानिकता
(स) व्यवहारवादी दृष्टिकोण
(द) उपर्युक्त सभी।
उत्तर:
(द) उपर्युक्त सभी।
प्रश्न 29.
“ज्ञान की वर्तमान अवस्था में राजनीति को विज्ञान मानना तो दूर, वह कलाओं में भी सबसे पिछड़ी कला है।” यह कथन है
(अ) गार्नर का
(ब) बक्ल का
(स) कैटलिन का
(द) अरस्तू का।
उत्तर:
(ब) बक्ल का
प्रश्न 30.
प्राचीन भारतीय चिंतकों ने विद्याओं को कितने भागों में बाँटा है?
उत्तर:
त्रयी
वार्ता
आन्वीक्षिकी
दण्डनीति।
प्रश्न 31.
त्रयी विद्या क्या थी?
उत्तर:
वेद वेदांगों के ज्ञान, नैतिक एवं आध्यात्मिक विषयों को सम्मिलित करने वाला ज्ञान त्रयी विद्या कहलाता था?
प्रश्न 32.
वार्ता से क्या आशय था?
उत्तर:
वह विद्या जो कृषि, पशुपालन, शिल्प और वाणिज्य की शिक्षा देती थी, वार्ता कहलाती थी।
प्रश्न 33.
भौतिक उपलब्धियों एवं सम्पत्तियों के अर्जन से सम्बन्धित विद्या का नाम बताइए।
उत्तर:
वार्ता।
प्रश्न 34.
आन्वीक्षिकी से क्या आशय था?
उत्तर:
त्रयी और वार्ता के प्रति किये जाने वाले प्रयत्नों में सन्तुलन स्थापित करने वाली विद्या को आन्वीक्षिकी कहा जाता था।
प्रश्न 35.
दण्डनीति किसे कहा गया है?
उत्तर:
मानव जीवन के लौकिक और पारलौकिक उद्देश्यों को आन्वीक्षिकी के निर्धारित मापदण्डों के अनुसार प्रवर्तन की संस्थागत व्यवस्था को दण्डनीति कहा गया है।
प्रश्न 36.
“दण्डनीति ही वस्तुतः विद्या है।” यह कथन किस प्राचीन भारतीय चिंतक का है?
उत्तर:
यह कथन आचार्य शुक्र का है।
प्रश्न 37.
वर्तमान राजनीति शास्त्र विषय के लिए प्राचीन भारतीय चिंतन में किस शब्द का प्रयोग किया गया हैं?
उत्तर:
दण्डनीति का।
प्रश्न 38.
“राजनीति विज्ञान राज्य का अध्ययन है।” इस दृष्टिकोण के प्रमुख समर्थक विद्वानों के नाम लिखिए।
उत्तर:
ब्लंटशली, गार्नर, गैरिस, गैटेल आदि।
प्रश्न 39.
गार्नर ने राजनीति विज्ञान की क्या परिभाषा दी है?
उत्तर:
गार्नर के अनुसार, “राजनीति विज्ञान का आरम्भ और अन्त राज्य के साथ होता है।”
प्रश्न 40.
परम्परावादी विद्वान राजनीति विज्ञान को किसका अध्ययन करने वाला विषय मानते हैं?
उत्तर:
परम्परावादी विद्वान राजनीति विज्ञान को राज्य, सरकार और व्यक्ति का अध्ययन करने वाला विषय मानते हैं।
प्रश्न 41.
राजनीति शास्त्र को मानवीय क्रियाओं का अध्ययन मानने वाले किन्हीं दो विचारकों का नाम लिखिए।
उत्तर:
कैटलिन
जूविनेल।
प्रश्न 42.
राजनीति विज्ञान को शक्ति का अध्ययन मानने वाले दो राजनीति शास्त्रियों के नाम लिखिए।
उत्तर:
लॉसवेल
कैटलिन।
प्रश्न 43.
लॉसवेल ने राजनीति विज्ञान की क्या परिभाषा दी है?
उत्तर:
लॉसवेल के अनुसार, “राजनीति विज्ञान एक नीति विज्ञान है।”
प्रश्न 44.
किन्हीं दो आधुनिक राजनीति शास्त्रियों के नाम लिखिए जो राजनीति विज्ञान को राजनीतिक व्यवस्था का अध्ययन मानते हैं?
उत्तर:
डेविड ईस्टन
आमण्ड।
प्रश्न 45.
डेविड ईस्टन ने राजनीतिक व्यवस्था को किस प्रकार परिभाषित किया है?
उत्तर:
डेविड ईस्टन के अनुसार, “किसी समाज में पारस्परिक क्रियाओं की ऐसी व्यवस्था को जिससे उक्त समाज में बाध्यकारी या अधिकारपूर्ण नीति-निर्धारण होते हैं, राजनीतिक व्यवस्था कहा जाता है।”
प्रश्न 46.
परम्परावादी परिभाषाएँ राजनीति विज्ञान में किन – किन पद्धतियों के अध्ययन पर बल देती हैं?
उत्तर:
परम्परावादी परिभाषाएँ राजनीति विज्ञान के अध्ययन में दार्शनिक, ऐतिहासिक एवं कानूनी पद्धतियों के अध्ययन पर बल देती हैं।
प्रश्न 47.
राजनीति विज्ञान की आधुनिक परिभाषाएँ किन-किन अध्ययन पद्धतियों पर बल देती हैं?
उत्तर:
अन्तः अनुशासनात्मक उपागम एवं अनुभववादी पद्धतियों पर।
प्रश्न 48.
राजनीति विज्ञान को विज्ञान के रूप में स्वीकार न करने वाले किन्हीं चार विद्वानों के नाम बताइए।
उत्तर:
बक्ल
काम्टे
वीयर्ड
बर्क।
प्रश्न 49.
“जब मैं ‘राजनीति विज्ञान’ शीर्षक के अन्तर्गत परीक्षा प्रश्नों को देखता हूँ, तो मुझे प्रश्नों के लिए नहीं अपितु शीर्षक के लिए खेद होता है।” यह कथन किस राजनीतिक शास्त्री का है?
उत्तर:
यह कथन मेटलेण्ड का है।
प्रश्न 50.
राजनीति विज्ञान के विज्ञान होने के विरुद्ध कोई दो तर्क दीजिए।
उत्तर:
विज्ञान जैसे प्रयोग व परीक्षण सम्भव नहीं
सर्वमान्य सिद्धान्तों का अभाव होना।
प्रश्न 52.
राजनीति विज्ञान के विज्ञान होने के पक्ष में कोई दो तर्क दीजिए।
उत्तर:
क्रमबद्ध व व्यवस्थित ज्ञान
कार्य – कारण में पारस्परिक सम्बन्ध स्थापित होना।
प्रश्न 53.
गार्नर ने विज्ञान को किस प्रकार परिभाषित किया है?
उत्तर:
गार्नर के अनुसार, “विज्ञान किसी विषय से सम्बन्धित उस ज्ञानराशि को कहते हैं जो विधिवत पर्यवेक्षण, अनुभव एवं अध्ययन के आधार पर प्राप्त की गई है तथा जिसके तथ्य परस्पर सम्बद्ध, क्रमबद्ध एवं वर्गीकृत किये गये हैं।”
प्रश्न 54.
राजनीति विज्ञान के कौन से दो लक्षण इसे कला के रूप में चित्रित करते हैं?
उत्तर:
राजनीति विज्ञान के सैद्धान्तिक ज्ञान को व्यवहार में लागू करना सम्भव होना।
राजनीति विज्ञान का मूल्यात्मक होना।
प्रश्न 55.
मानव जीवन को अधिक सुखमय बनाने के लिए राजनीति विज्ञान में किस सिद्धान्त को स्वीकार किया गया है?
उत्तर:
मानव जीवन को अधिक सुखमय बनाने के लिए राजनीति विज्ञान में लोक – कल्याणकारी राज्य के सिद्धान्त को स्वीकार किया गया है।
प्रश्न 56.
परम्परागत राजनीति विज्ञान के अध्ययन क्षेत्र में सम्मिलित किन्हीं दो बातों को बताइए।
उत्तर:
मानव के राजनैतिक जीवन का अध्ययन
राजनैतिक विचारधाराओं का अध्ययन।
प्रश्न 57.
राजनीति विज्ञान के आधुनिक दृष्टिकोण के समर्थक किन्हीं दो राजनीति शास्त्रियों का नाम बताइए।
उत्तर:
केटलिन
लॉसवेल।
प्रश्न 58.
आधुनिक दृष्टिकोण के अनुसार राजनीति विज्ञान के अध्ययन क्षेत्र में सम्मिलित किन्हीं दो बातों को बताइए।
उत्तर:
मानव के राजनैतिक व्यवहार का अध्ययन
विभिन्न अवधारणाओं का अध्ययन।।
प्रश्न 59.
“किसी समस्या को संघर्षपूर्ण बनाने वाली अथवा उसका समाधान खोजने वाली सभी गतिविधियाँ राजनीति हैं।” यह कथन किस राजनीति शास्त्री का है? | उत्तर:
यह कथन मेरान व बेनफील्ड का है।।
प्रश्न 60.
राजनीति विज्ञान के अध्ययन क्षेत्र सम्बन्धी परम्परागत एवं आधुनिक दृष्टिकोण में कोई एक अन्तर लिखिए।
उत्तर:
परम्परागत दृष्टिकोण एक अनुशासनात्मक दृष्टिकोण है, जबकि आधुनिक दृष्टिकोण अन्तर अनुशासनात्मक दृष्टिकोण है।
प्रश्न 61.
आधुनिक राजनीति विज्ञान की कोई दो विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर:
यथार्थवादी अध्ययन
व्यवहारवादी दृष्टिकोण।
प्रश्न 62.
व्यवहारवाद की सबसे बड़ी विशेषता क्या है?
उत्तर:
व्यवहारवाद की सबसे बड़ी विशेषता है-सिद्धान्त का प्रयोग।
प्रश्न 63.
आधुनिक युग में अध्ययन के लिए सम्पूर्ण राजनीति विज्ञान को कितने भागों में बाँटा गया है?
उत्तर:
दो भागों में
परम्परागत राजनीति विज्ञान
आधुनिक राजनीति विज्ञान।।
प्रश्न 64.
लॉसवेल और केपलन ने राजनीति विज्ञान की क्या परिभाषा दी है?
उत्तर:
लॉसवेल और केपलन के अनुसार, “राजनीति विज्ञान एक व्यवहारवादी विषय के रूप में शक्ति को सँवारने एवं मिल बाँटकर प्रयोग करने का अध्ययन है।”
प्रश्न 65.
परम्परावादी राजनीति शास्त्रियों द्वारा प्रयुक्त अध्ययन पद्धतियों के नाम लिखिए।
उत्तर:
ऐतिहासिक पद्धति
तुलनात्मक पद्धति
प्रश्न 66.
आधुनिक राजनीति शास्त्रियों द्वारा प्रयुक्त अध्ययन पद्धतियों के नाम लिखिए।
उत्तर:
सांख्यिकीय पद्धति
आनुभविक पद्धति
व्यवस्था विश्लेषण पद्धति
अन्तः अनुशासनात्मक पद्धति।
प्रश्न 67.
परम्परागत और आधुनिक राजनीति विज्ञान में कोई एक अन्तर बताइए।
उत्तर:
परम्परागत राजनीति विज्ञान मूल्यों में आस्था रखता है, जबकि आधुनिक राजनीति विज्ञान मूल्य निरपेक्ष है।
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